Tag: Poem

Nov 07

Poem – देखा – Help Poor This Diwali

Poor-Street-Boy

देखा – Help Poor This Diwali पटाखो कि दुकान से दूर हाथों मे, कुछ सिक्के गिनते मैने उसे देखा… एक गरीब बच्चे कि आखों मे, मैने दिवाली को मरते देखा. थी चाह उसे भी नए कपडे पहनने की… पर उन्ही पूराने कपडो को मैने उसे साफ करते देखा. हम करते है सदा अपने ग़मो कि …

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Mar 30

Poem – लिए बैठा हूँ

उलझनों और कश्मकश में … उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ | ए जिंदगी! तेरी हर चाल के लिए … मैं दो चाल लिए बैठा हूँ || लुत्फ़ उठा रहा हूँ मैं भी आँख – मिचौली का … मिलेगी कामयाबी हौसला कमाल लिए बैठा हूँ | चल मान लिया दो-चार दिन नहीं मेरे मुताबिक … …

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Jan 17

मुझे शिकायत है

मुझे शिकायत है मुझे शिकायत है तुम से की तुम मेरे क्यूँ हो, हो अगर तुम मेरे तो अकेले क्यूँ हो, मेरे हाथ मे हाथ होता है तुम्हारा पर तुम नही होते, साथ होता है तुम्हारा पर तुम साथ नही होते… मुझे शिकायत है तुम से की तुम तुम क्यूँ हो, रहते हो अगर मेरे …

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Jan 17

Poem – अभी बाकी है

अभी बाकी है दिल मे एक कशमकश अभी बाकी है कही तेरे आने की उम्मीद अभी बाकी है | चलें कभी कदम-दो कदम तेरे संग, बस इतनी सी ख्वाहिश अभी बाकी है || इन अंधेरो से भरे रस्तो मे, तेरी रोशनी की एक किरण अभी बाकी है | मुरझा रहा है तेरा ये उपवन, तेरी …

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Nov 30

Poem : अब तो आदत सी हो गयी है

अब तो आदत सी हो गयी है अब तो आदत सी हो गयी है दर्द सहने की, अपने ही ज़ख़्मो मे डूब कर रहने की, खामोश तन्हाई मे अब दिल लगता है, ना पुकारे कोई, निगाह उठाने से भी दिल डरता है… Ab To Aadat Si Ho Gayi Hai Dard Sehne Ki, Apne Hi Zakhmo …

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