Tag: Beautiful Life

Apr 23

Poem – गायब

  सावन की पुरवईया गायब .. पोखर,ताल, तलईया गायब…! कच्चे घर तो पक्के बन गये.. हर घर से आँगनइया गायब…! सोहर, कजरी ,फगुवा भूले.. बिरहा नाच नचईया गायब…! नोट निकलते ए टी म से…. पैसा , आना ,पईया गायब…! दरवाजे पर कार खड़ी हैं.. बैल,, भैंस,,और गईया गायब…! सुबह हुई तो चाय की चुस्की.. चना-चबैना …

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Apr 21

देखते ही देखते पिताजी बूढ़े हो जाते हैं

देखते ही देखते पिताजी बूढ़े हो जाते हैं हर साल सर के बाल कम हो जाते हैं… बचे बालों में और भी चाँदी पाते  हैं.. चेहरे पे झुर्रियों की तादाद  बढ़ा जाते हैं… रीसेंट पासपोर्ट साइज़ फोटो में, कितना अलग नज़र आते हैं…. “अब कहाँ पहले जैसी बात” कहते जाते हैं… देखते ही देखते पिताजी …

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Dec 27

Poem – शून्य

शून्य पढोगे तो रो पड़ोगे … अपने लिए भी जियें ..! थोड़ा सा वक्त निकालो वरना…………………. ज़िंदगी के 20 वर्ष.. हवा की तरह उड़ जाते हैं…! फिर शुरू होती है….. नौकरी की खोज….! ये नहीं वो, दूर नहीं पास. ऐसा करते 2-3 नौकरीयां छोड़ते पकड़ते…. अंत में एक तय होती है, और ज़िंदगी में थोड़ी …

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Dec 04

Poem – बचपन का जमाना था

Beautiful Life

बचपन का जमाना एक बचपन का जमाना था, जिस में खुशियों का खजाना था.. . चाहत चाँद को पाने की थी, पर दिल तितली का दिवाना था.. . खबर ना थी कुछ सुबहा की, ना शाम का ठिकाना था.. थक कर आना स्कूल से, पर खेलने भी जाना था… एक बचपन का जमाना था, जिस …

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Nov 07

Poem – देखा – Help Poor This Diwali

Poor-Street-Boy

देखा – Help Poor This Diwali पटाखो कि दुकान से दूर हाथों मे, कुछ सिक्के गिनते मैने उसे देखा… एक गरीब बच्चे कि आखों मे, मैने दिवाली को मरते देखा. थी चाह उसे भी नए कपडे पहनने की… पर उन्ही पूराने कपडो को मैने उसे साफ करते देखा. हम करते है सदा अपने ग़मो कि …

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