Jan 17

मुझे शिकायत है


Sad_Guy_Zappmania

मुझे शिकायत है


मुझे शिकायत है तुम से की तुम मेरे क्यूँ हो,
हो अगर तुम मेरे तो अकेले क्यूँ हो,
मेरे हाथ मे हाथ होता है तुम्हारा पर तुम नही होते,
साथ होता है तुम्हारा पर तुम साथ नही होते…

मुझे शिकायत है तुम से की तुम तुम क्यूँ हो,
रहते हो अगर मेरे दिल मे तो मुझे से दूर क्यूँ हो,
क्यूँ तुम्हारी आँखे सवाल करती है मुझे से,
और मैं उन्हे पढ़ भी नही पता,
क्यूँ तुम्हारी मुस्कुराहट एक फरेब लगती है मुझे,
और मैं रो भी नही पता…

मुझे शिकायत है तुम से की तुम मेरा नसीब क्यूँ हो,
हो अगर मेरा नसीब तो इतने बेबस क्यूँ हो,
सोचो तुम से दूर अपने नसीब से दूर कैसे रह पाऊँगा,
तुम अगर न होगे तो जिंदा कैसे रह पाऊँगा…

मुझे शिकायत है तुम से की तुम मेरा ख्वाब क्यूँ हो,
हो अगर मेरा ख्वाब तो हक़ीकत मे क्यूँ हो,
हो तुम हक़ीकत तो इतने बेरहम क्यूँ हो,
हो अगर बेरहम तो इतने मासूम क्यूँ हो..

मुझे शिकायत है तुम से की तुम रूठे क्यूँ हो,
है अगर प्यार है मुझे से तो कहते क्यूँ नही हो,
शामझते हो मुझे तो जानते क्यूँ नही हो,
जानते हो तो मुझे पहचानते क्यूँ नही हो…

मुझे शिकायत है तुम से की तुम एक पहेली क्यूँ हो,
हो अगर एक पहेली तो मेरी जिंदगी मे क्यूँ हो,
क्यूँ तुम्हारे बिना सब कुछ अधूरा लगता है,
और जो तुम होते हो साथ तो दिल को एक सुकून मिलता है…

मुझे शिकायत है तुम से की तुम से मैं रूठ नही सकता,
करता हू प्यार ये जता भी नही सकता,
जताने से सीमा बन्ध जाती है,
प्यार करने की प्यार पाने की एक छोटी सी दुनिया बन जाती है….

मुझे शिकायत है तुम से की तुम मानते नही हो,
है जो दिल मे उसे दिल से निकलते नही हो,
नफ़रत जो जताते हो वो दिल से आती नही,
और प्यार को तुम छुपा भी पाते नही….

मुझे शिकायत है तुम से की तुम अब भी नादान हो,
अपने दिल से ही अंजन हो,
करते हो प्यार और ये जानते भी नही,
निभाते हो साथ और साथ देना चाहते भी नही…

मुझे शिकायत है तुम से की तुम अब तुम नही हो,
अब तक तुम जो थे वो तुम तुम नही हो,
तुम अब मेरे हो,
थे अगर तुम तुम्हारे तो अब हमारे हो…

मुझे शिकायत है तुमसे की तुमने भी प्यार किया है,
इकरार नही पर हर मोढ़ पर मेरा साथ दिया है,
वो एहसास वो विश्वास झूट नही था,
आँखो मे जो था वो प्यार एक भ्रम नही था….

मुझे शिकायत है तुम से की तुम इश् प्यार को पहचान नही सके,
साथ देके भी साथ निभा नही सके,
मैं तुम्हे आज़ाद करता हू अगर मेरा साथ एक भंधन था,
रिस्ता एक रिस्ता नही एक समझौता था….

मुझे शिकायत है तुम से की तुम अब भी इश् दिल मे रहोगे,
दूर ही सही पर इश् दिल के पास रहोगे,
मेरी जिंदगी नही सही मेरा इंतजार बन के मेरे साथ रहोगे,
तुम तुम ही रहोगे पर जहा भी रहोगे इश् दिल मे रहोगे…

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1 comment

  1. Very nice lines….

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